February 15, 2026
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  • पांच स्कूली बच्चे भी शामिल, हर घर में बीमार
  • ग्रामीण बोले- जाने किसकी नजर लग गई

हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के पलवल जिले के गांव छांयसा के लोग इन दिनों काफी दहशत में है। यहां 15 दिन में 12 रहस्यमयी मौत हो चुकी हैं। मरने वालों में 5 स्कूली बच्चे भी हैं। ग्रामीणों की माने तो उनकी समझ नहीं आ रहा है कि मौतें किस वजह से हो रही है।

ग्रामीण कहते है कि कुछ दिन पहले दो तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी थी, फिर अचानक तीनों की मौत हो गई। इसके बाद मौतों का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमता नहीं दिख रहा है। गांव के हर घर में मरीज है, जिनमें से कुछ की तबीयत ज्यादा नाजुक है।

तीमारदार सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी हॉस्पिटल्स के चक्कर काट-काट कर थक चुके है, लेकिन उनके बीमार परिजनों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। हालांकि, लगातार हो रही मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाल लिया है। मगर, हालात अभी भी काबू में नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे गांव की स्क्रीनिंग और ब्लड सैंपल जुटाने में जुटी थी। कहना था कि ज्यादातर बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसे लक्षण मिल रहे हैं। जितनी भी मौत हुईं, उन सभी में यही लक्षण थे।

स्वास्थ्य विभाग बता रहा हेपेटाइटिस-B व C को कारण : उधर, ग्रामीणों की माने तो स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में कैंप कर रही है। स्वास्थ्य विभाग 4 मौतों के पीछे हेपेटाइटिस-B व C को कारण बता रहा है, जबकि 3 मामलों में मल्टीपल ऑर्गन फैलियर और लिवर इंफेक्शन का केस बताया। मगर, गांव में लगातार मौतें होने की पीछे सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है।

1 फरवरी को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम : स्वास्थ्य विभाग के डॉ. मंजीत ने बताया कि उनको 31 जनवरी को गांव में हो रहीं मौतों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद 1 फरवरी को गांव जांच के लिए सैंपल लेने शुरू कर दिए गए। मृतकों के मेडिकल रिकॉर्ड को जांच करने के आदेश दिए गए। इसके बाद सभी की मेडिकल रिपोर्ट की जांच की गई, जिसमें उनको मौत के कारणों का पता चला।

अब तक 300 ब्लड सैंपलों की जांच हो चुकी : गांव के 4 टीमों का गठन किया गया है। टीमें लोगों के ब्लड सैंपल ले रही हैं। अभी तक 300 के करीब ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई है। जिसमें 2 लोगों को हेपेटाइटिस बी और सी के होने का पता चला है। इसके अलावा 400 से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

2 नए मरीजों को पलवल अस्पताल में एडमिट : डॉ मंजीत ने बताया कि जिन दो मरीजों में पुरी तरह से हेपेटाइटिस बी और सी के लक्षणों के बारे में पता चला है। उनको इलाज के लिए पलवल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिन घरों में मौत हुई हैं, उनके परिवार के लोगों के भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

पानी के 107 में से 23 सैंपल फेल : पलवल CMO डॉ सत्येंद्र वशिष्ठ ने बताया कि घरों में पीने के पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। अभी तक 107 में से 23 सैंपल फेल मिले हैं। इनमें बैक्टीरिया ग्रोथ मिली है। क्योंकि यहां लोग घरों में कुंडे में पानी स्टोर करके रखते हैं। पानी में क्लोरीन की कमी पाई गई है।

डॉक्टर्स बोले- हेपेटाइटिस बी और सी वायरल संक्रमण डॉ. मंजीत ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी के लक्षण एक-दूसरे से बहुत मिलते हैं। दोनों के होने का कारण भी ज्यादा अलग नहीं है। हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है, जो लिवर को प्रभावित करता है। यह वायरस संक्रमित खून, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सूई या मां से शिशु में फैल सकता है। जबकि हेपेटाइटिस सी लंबे समय तक शरीर में बिना लक्षण के रह सकता है और धीरे-धीरे लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

संक्रमण फैलने के कारणों का नहीं खुलासा

पलवल CMO डॉ सत्येंद्र वशिष्ठ ने कहा कि अभी तक इस संक्रमण के इतनी तेजी के साथ फैलने के कारणों को लेकर सटीक कुछ नहीं कहा जा सकता। अभी पूरी तरह से पता नहीं चला है कि गांव में ये किस कारण ये फैल रहा है। उनकी टीमें इसको लेकर काम कर रही हैं।

छांयसा में 5 हजार आबादी, कई घर टैंकर का पानी पी रहे

उधर, गांव छांयसा के सरपंच मोहम्मद इस्लाम ने दैनिक भास्कर एप को बताया कि गांव की आबादी करीब 5 हजार है। गांव मुस्लिम बाहुल्य है। गांव में पानी के तीन जगहों से सप्लाई होती है। गांव के कुछ घरों में सरकारी पानी की सप्लाई है।
घरों में लोगों ने जमीन के अंदर कुंडे बना रखे हैं। जिनमें एक साथ पानी भरने के लिए गांव घर्रोट से पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं। कुछ लोग हथीन शहर से आरओ प्लांट का पानी पीने के लिए मंगाते हैं। लगातार हो रही मौतों के कारण गांव में अजीब सा डर पैदा हो गया है।