हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : जैसे-जैसे परीक्षा नज़दीक आती है, बच्चों की धड़कनें भी तेज़ होने लगती हैं। दिनभर पढ़ाई करने के बावजूद ऐसा लगता है कि कुछ भी याद नहीं हुआ…, सिलेबस अभी भी पहाड़ जैसा खड़ा है… और जो पढ़ा है वह दिमाग़ में टिकेगा भी या नहीं! दरअसल, इन सवालों और उलझनों की वजह उनका पढ़ने का तरीक़ा ही है।
याद रखें, सारा सिलेबस रट लेना ही लक्ष्य नहीं है। उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी है उसे सही ढंग से समझकर पढ़ना। समझदारी से पढ़ेंगे तो मेहनत आधी और नतीजा दोगुना होगा।
यथार्थवादी टाइमटेबल बनाएं
अक्सर बच्चे जोश में आकर 14-15 घंटे पढ़ने का नियम बना लेते हैं, जो दो दिन बाद टूट जाता है। बेहतर होगा कि शुरुआत में 5-6 घंटे ध्यान से पढ़ाई करें। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
टाइमटेबल और रिवीजन टिप्स परीक्षा की तैयारी कैसे करें
50/ 10 का नियम अपनाएं
लगातार कई घंटों तक पढ़ने से दिमाग़ थक जाता है। 50 मिनट पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ें। 10 मिनट का विराम लेकर टहलें या स्ट्रेचिंग करें। इस दौरान फोन या सोशल मीडिया से दूर रहें।
इस तरह बनाएं टाइमटेबल
यह एक सामान्य ढांचा है, जिसे बच्चे परीक्षा की तैयारी में अपना सकते हैं-
सुबह… गणित या विज्ञान जैसे कठिन विषय सुबह पढ़ें। इस समय मस्तिष्क ताज़ादम रहता है इसलिए दिलचस्पी के साथ पढ़ना, समझना व याद रखना आसान होता है।
दोपहर… थोड़ा आसान विषय पढ़ें। दोपहर में नींद आ सकती है, तो लिखकर अभ्यास करना बेहतर होगा।
शाम… ऐसे विषय पढ़ें जो न अधिक कठिन हैं और न अधिक सरल। पुराने प्रश्नपत्र भी हल कर सकते हैं। इससे यह अंदाज़ा मिलता है कि परीक्षक प्रश्न कैसे घुमाकर पूछते हैं। अक्सर बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्न दोहराते हैं या उसी कॉन्सेप्ट पर आधारित होते हैं।
रात… दिनभर जो पढ़ा उसका रिवीज़न करें।
अपनी लय पहचानें- हर छात्र की ‘जैविक घड़ी’ अलग होती है। उसी के अनुसार समय तय करें। दोस्तों की नक़ल न करें।
परीक्षा हॉल की रणनीति…
तैयारी कितनी भी अच्छी हो, परीक्षा के 3 घंटे ही आपका परिणाम तय करते हैं।
प्रश्नपत्र पढ़ें…
प्रश्नपत्र के दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें। कई बार जल्दबाज़ी में छात्र ‘और’ को ‘अथवा’ समझ लेते हैं और पूरा प्रश्न पत्र हल करने से चूक जाते हैं। ऐसी ग़लतियों से बचें।
समय प्रबंधन…
जितना पूछा हो, उतना ही उत्तर दें। 2 अंक के प्रश्न में 2 पेज भरने से ज़्यादा अंक नहीं मिलेंगे। दूसरे प्रश्नों के लिए समय कम पड़ेगा। इसलिए घर पर परीक्षा के समय अनुसार टेस्ट दें।
कठिन पेपर का सामना…
अगर प्रश्नपत्र कठिन लगे, तो उसे दो चरणों में हल करें। पहले चरण में वो प्रश्न करें जो अच्छी तरह से आते हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। दूसरे चरण में कठिन प्रश्नों पर दिमाग़ लगाएं।
ख़ुद की सामग्री…
परीक्षा में लिखने के काम आने वाली सामग्री, जैसे- पेन, पेंसिल, रबर, स्केल आदि लेकर जाएं। दोस्तों के भरोसे न रहें। अतिरिक्त पेन हमेशा साथ रखें।
चित्र और प्रदर्शन…
प्रश्न के जवाब में ज़रूरत के अनुसार चित्र/डायग्राम और बिंदुओं का समावेश हो तो नंबर बढ़ जाते हैं। परीक्षक को कॉपी जांचने में जितनी आसानी होगी, अंक उतने अच्छे मिलेंगे।