हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज
चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में पानीपत के एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (पाचन तंत्र विशेषज्ञ) विभाग ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां के डॉक्टरों ने महज 5 साल के एक मासूम बच्चे के पेट (आंत) से एक नुकीली लोहे की कील निकालकर उसे नई जिंदगी दी है। सबसे खास बात यह रही कि इसके लिए कोई बड़ा चीरा या सर्जरी नहीं करनी पड़ी, बल्कि आधुनिक ‘एंडोस्कोपी’ तकनीक के जरिए इसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।
तीन अस्पतालों ने खड़े कर दिए थे हाथ
परिजनों के अनुसार, बच्चा खेलते समय गलती से लोहे की कील निगल गया था। जैसे ही परिवार को इसका पता चला, वे घबरा गए और बच्चे को लेकर तुरंत पास के एक अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जटिलता देखते हुए मना कर दिया। इसके बाद बच्चे को दो अन्य बड़े अस्पतालों में भी ले जाया गया, लेकिन मासूम की उम्र और कील के आंत में फंसे होने के कारण कोई भी जोखिम उठाने को तैयार नहीं था।
बच्चा लगातार गंभीर पेट दर्द से तड़प रहा था। अंततः उसे पानीपत के इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचते ही वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. माधव और उनकी टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
एक्स-रे में दिखी मौत की दस्तक, फिर शुरू हुआ ‘ऑपरेशन लाइफ’
अस्पताल के विशेषज्ञों ने बिना समय गंवाए बच्चे का एक्स-रे करवाया। रिपोर्ट में देखा गया कि नुकीली कील आंत के एक अत्यंत संवेदनशील हिस्से में फंसी हुई थी। यह स्थिति जानलेवा हो सकती थी, क्योंकि कील जरा सा भी खिसकने पर आंत को पंक्चर कर सकती थी, जिससे पेट में इन्फेक्शन (पेरिटोनिटिस) फैलने का खतरा था।
डॉ. माधव और उनकी टीम ने तय किया कि वे पारंपरिक सर्जरी के बजाय ‘एंडोस्कोपिक रिमूवल’ का प्रयास करेंगे। एंडोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मुंह के रास्ते एक लचीली ट्यूब डाली जाती है, जिसके आगे कैमरा और पकड़ने वाले उपकरण लगे होते हैं। एक छोटे बच्चे की संकरी भोजन नली और आंतों में इस प्रक्रिया को अंजाम देना “सुई में धागा पिरोने” जैसा चुनौतीपूर्ण था।
बिना सर्जरी सफल उपचार
अत्यंत कुशलता और धैर्य के साथ, डॉक्टरों ने एंडोस्कोप की मदद से कील को पकड़ा और धीरे-धीरे उसे बिना किसी आंतरिक चोट के बाहर निकाल लिया। प्रक्रिया सफल रही और बच्चा कुछ ही घंटों में दर्द से मुक्त हो गया। उसकी रिकवरी इतनी तेज थी कि उसे मात्र 24 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।