- नेताओं की सिफारिश लगा रहे कर्मचारी
- जारी करना पड़ा लेटर, लिखा- हमें ये अधिकार नहीं
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज के बिजली विभाग में इन दिनों एक नया कर्मचारियों का ट्रांसफर विवाद शुरू हो गया है। विभाग के कर्मचारी अपनी ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों की सिफारिश लगवा रहे हैं।
इसके बाद विभाग ने ट्रांसफरों को लेकर एक लेटर जारी किया है, जिसमें लिखा है कि किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर कराने के लिए राजनीतिक या प्रभावशाली सार्वजनिक व्यक्तियों का सहारा लेना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
विभाग को नहीं ट्रांसफर का अधिकार
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ऑफिस के द्वारा जारी ऑर्डर में लिखा है कि कर्मचारियों को सूचित किया जाता है कि SE/Admn, DHBVN, हिसार द्वारा जारी ऑनलाइन ट्रांसफर नीति अधिसूचना संख्या 09/SE/Admn/REG-127 7 जुलाई 2025 के अनुसार कार्यालय को किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर करने का कोई अधिकार नहीं है।
इसके अतिरिक्त, HKRNL नीति के अनुसार किसी भी HKRNL कर्मचारी का स्थानांतरण भी कार्यालय द्वारा नहीं किया जा सकता है।
प्रमोशन के लिए भी करवा रहे फोन
ऑर्डर में आगे लिखा है कि हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 के नियम 26 (जैसा कि DHBVN द्वारा अपनाया गया है) के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने सेवा संबंधी मामलों जैसे ट्रांसफर, प्रमोशन आदि के लिए किसी भी प्रकार का राजनीतिक या अन्य प्रभाव अपने किसी उच्च अधिकारी पर डालने का प्रयास नहीं करेगा।
सरकार एवं निगम की नीतियों का उल्लंघन
इसके बावजूद यह पाया गया है कि कुछ कर्मचारी अपने सेवा संबंधी मामलों, विशेषकर तबादले के आदेशों को रद्द कराने के लिए, राजनीतिक अथवा अन्य प्रभावशाली सार्वजनिक व्यक्तियों से संपर्क कर रहे हैं, जो कि हरियाणा सरकार एवं निगम की नीतियों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के लिए अलगे से निर्देश
विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने नियंत्रणाधीन सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित करें कि वे अपने सेवा संबंधी मामलों, विशेषकर स्थानांतरण के संबंध में, किसी भी राजनीतिक अथवा प्रभावशाली सार्वजनिक व्यक्ति के माध्यम से किसी अधिकारी से संपर्क न करें। ऐसा करने पर वे अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे।
इन निर्देशों को अपने नियंत्रणाधीन सभी कर्मचारियों के संज्ञान में नोटिस बोर्ड तथा आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अनिवार्य रूप से लाया जाए।