मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, आयुष, होम्योपैथी पेशेवरों को होगा फायदा
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं अब आम लोगों और डॉक्टरों के लिए कहीं ज्यादा आसान होने वाली हैं। राज्य सरकार एक ऐसा इंटीग्रेटेड ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने जा रही है, जिससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रमाण पत्र, पंजीकरण और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में पारदर्शिता आए और तकनीक का सही उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी पहले ही मरीजों की सेवा में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में कागजी औपचारिकताओं में उनका समय खराब होना उचित नहीं है।
पेशेवर डॉक्टरों को होगा फायदा
यह पोर्टल स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए बनाया गया एक ऑल-इन-वन डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अपने जरूरी दस्तावेजों से जुड़े सभी काम ऑनलाइन कर सकेंगे। अब आवेदन, जांच और प्रमाण पत्र जारी होने की पूरी प्रक्रिया इंटरनेट के जरिए होगी। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इस पोर्टल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
पहले चरण में मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, आयुष और होम्योपैथी से जुड़े पेशेवर इसका उपयोग कर सकेंगे। अगले चरण में नर्सिंग और फिजियोथेरेपी से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
कौन-कौन से प्रमाण पत्र मिलेंगे ऑनलाइन
इस पोर्टल के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट और पंजीकरण प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप से जारी किए जाएंगे। ये प्रमाण पत्र सीधे डॉक्टर के पंजीकृत ई-मेल पर भेजे जाएंगे और तुरंत डाउनलोड किए जा सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पोर्टल से मिलने वाले सभी प्रमाण पत्र डिजीलॉकर से भी जुड़े होंगे।
मोबाइल एप और एआई की तैयारी
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस पोर्टल का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, ताकि डॉक्टर कहीं से भी अपने काम निपटा सकें। इसके अलावा सरकार इसे एआई-सक्षम बनाने की योजना पर भी काम कर रही है। भविष्य में एआई चैटबॉट के जरिए सामान्य सवालों के जवाब और मार्गदर्शन भी मिल सकेगा। जब डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रशासनिक दिक्कतें कम होंगी, तो वे मरीजों को ज्यादा समय दे पाएंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
एक जगह से ही हो सकेगी मॉनिटरिंग
मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. मनदीप सचदेवा का कहना है कि इससे आवेदकों को संबंधित काउंसिल के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके शुरू होने से समय और श्रम दोनों की बचत होगी। इस एकीकृत पोर्टल की मदद से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। सभी काउंसिल की प्रक्रियाएं एक जगह से मॉनिटर की जा सकेंगी। पोर्टल के विकास का कार्य अंतिम चरण में है। इसे जल्द ही जनता के लिए शुरू किया जाएगा।
आवेदकों को एक ही प्लेटफॉर्म से सभी काउंसिल की सेवाएं मिलेंगी। फिजिकल वेरिफिकेशन की आवश्यकता घटेगी। पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। प्रशासनिक कानों में दक्षता बढ़ेगी।