- मासूम बेटा बोला- अब तो थार गाड़ी लेंगे
कहते हैं कि ऊपर वाला जब भी देता है, छप्पर फाड़ कर देता है। यह कहावत सिरसा जिले के रानियां स्थित गांव महम्मदपुरिया के एक दिहाड़ी मजदूर पृथ्वी सिंह पर बिल्कुल सटीक बैठती है। संघर्षों में जीवन बिता रहे पृथ्वी सिंह ने पंजाब स्टेट डियर लॉटरी (लोहड़ी मकर संक्रांति बंपर 2026) का ₹10 करोड़ का पहला इनाम जीतकर सबको हैरान कर दिया है।
पृथ्वी सिंह के घर में खुशी का माहौल है। परिवार ने ढ़ोल नगाड़े बजा कर और नोटों की माला पहना कर उसका स्वागत किया।
तीसरी कोशिश में चमकी किस्मत
35 वर्षीय पृथ्वी सिंह, जो गांव में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं, ने अपनी जिंदगी में केवल तीसरी बार लॉटरी का टिकट खरीदा था। उन्होंने यह भाग्यशाली टिकट (नंबर 327706) डबवाली के पास स्थित किलियांवाली गांव से लिया था। शनिवार को जब परिणाम घोषित हुए, तो पृथ्वी सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पृथ्वी सिंह का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है…
परिवार: पिता देवीलाल, पत्नी सुमन, बेटी रितिका और 6 वर्षीय बेटा दक्ष।
संघर्ष: पृथ्वी खुद दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी पत्नी सुमन एक स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं।
भविष्य की योजना: पृथ्वी सिंह ने बताया कि इस राशि से वह अपने अधूरे सपने पूरे करेंगे और बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दिलाकर उनका भविष्य संवारेंगे।
नन्हे बेटे की मासूम जिद: अब थार गाड़ी लेंगे
इस ऐतिहासिक जीत के बाद पृथ्वी सिंह के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इस बीच, उनके 6 वर्षीय बेटे दक्ष की मासूमियत ने सबका दिल जीत लिया। दक्ष ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, पापा को 10 करोड़ रुपये मिले हैं, अब हम थार गाड़ी खरीदेंगे।” उनकी पत्नी सुमन ने भी इसे भगवान का आशीर्वाद बताया और कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी किस्मत ऐसे बदलेगी।