- सिरसा में कहा- सुनकर वॉर्मअप होते हैं, शोले के बाद भी कोई गब्बर नहीं आया
हरियाणा के सिरसा पहुंचे पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख ने गन कल्चर सॉन्ग पर कहा- ये केवल एंटरटेनमेंट है। जब शोले मूवी आई तो उसके बाद कोई गब्बर नहीं आया। लोग सॉन्ग केवल एंटरटेनमेंट के लिए सुनते हैं। कई बार हम भी इन सॉन्ग को सुनकर वॉर्म अप होते हैं।
उन्होंने कहा कि इंग्लिश फिल्मों में पता नहीं क्या- क्या होता है। अगर कुछ होता तो उनका तो पूरा देश ही खत्म हो जाता। वो केवल एक एंटरटेनमेंट है। जब कोई बंदा नौकरी करता है और उसका बॉस उस पर गुस्सा करता है तो वो गाड़ी में जाकर गाने सुनता है। गाना भड़क (टेंशन) नहीं, एक एंटरटेनमेंट है। इसे इंजॉय करों।
मनकीरत शनिवार को सिरसा के चिल्ला साहिब गुरुद्वारा में मत्था टेकने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा में सेवा करने के लिए एक ट्रैक्टर भी दान किया।
शोले फिल्म से कितने गब्बर आए
मनकीरत शनिवार को सिरसा के चिल्ला साहिब गुरुद्वारा में मत्था टेकने पहुंचे थे। यहां मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि गन कल्चर के सॉन्ग पर मेरा उस समय भी कमेंट आया था। जब शोले फिल्म आई थी तो इसके बाद कितने गब्बर आ गए? ऐसा नहीं होता।
ऐसे तो पूरा देश ही खत्म हो जाता
मनकीरत ने आगे कहा कि इंग्लिश फिल्में में पता नहीं क्या-क्या करते हैं, उनमें एक तरह से पूरा देश ही खत्म कर देते हैं। वो एक एंटरटेनमेंट है। जब कोई बंदा नौकरी करता है और उसका बॉस उस पर गुस्सा करता है तो वो गाडी में जाकर गाने सुनता है। सॉन्ग केवल एक एंटरटेनमेंट के लिए होता है। इसे इंजॉय करना चाहिए।
इन गानों से वॉर्म अप होते हैं
मनकीरत ने कहा, कई बार हम भी वहीं गाने सुनकर वॉर्म अप होते हैं। आजकल कुछ कलाकार ऐसे भी हैं, उनसे कहना चाहूंगा कि उसे थोड़ा कम कर लो। वहीं, पंजाबी सिंगर हनी सिंह के विवादित बयान पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
50-60 साल के बाद राजनीति की सोचेंगे
सिंगर मनकीरत खुद के चुनाव लड़ने के सवाल पर बोले, मैं पंजाब सीएम से मिलता हूं तो लोग कहते कि यहां से चुनाव लड़ेगा। जब यूपी में अखिलेश यादव और हरियाणा में इनेलो नेताओं से मिलता हूं तो लोग सोचते हैं कि उनकी ओर से चुनाव लड़ेगा। कलाकार सभी का होता है। मुझे तो सेवा करनी है। अपनी कलाकारी अच्छी चल रही है। इसके बारे में 50-60 साल के बाद सोचेंगे।
पंजाब में सभी ने मदद की
सिंगर औलख बोले, पंजाब में आई बाढ़ के दौरान पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से सभी लोग मदद करने पहुंचे और सभी का सहयोग मिला। जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई तो कभी नहीं हो सकती। मगर लोगों को राहत अवश्य पहुंची है। वहीं शरीर बहुत जरूरी है। यदि नौजवान अपना शरीर नहीं संभाल सकते तो डॉक्टर भी नहीं संभाल सकता। युवाओं को नशे से बचना चाहिए।
5 ट्रैक्टर हरियाणा के गुरुद्वारों में दिए
मनकीरत ने कहा कि बाढ़ के बाद हालात काफी खराब हो गए थे। इसीलिए हमनें सोचा कि 10 ट्रैक्टर ऐतिहासिक गुरुघरों में देकर सेवा की जाए। इनमें से मैं 5 ट्रैक्टर हरियाणा में लाया हूं। बहबलपुर, झंडे साहिब, चिल्ला साहिब गुरुघर और राजस्थान के नोहर में ट्रैक्टर दिए हैं। इसके बाद चंडीगढ में ट्रैक्टर देकर सेवा करेंगे।