January 17, 2026
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  • कनाडाई पीएम बोले- हर हाल में ग्रीनलैंड के साथ खड़े

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने को लेकर खुली धमकी दी है। बीबीसी के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर किसी देश ने ग्रीनलैंड पर कब्जे वाले प्लान में उनका साथ नहीं दिया तो वे उन देशों पर टैरिफ लगाएंगे।

ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान यह बयान दिया। हालांकि, ट्रम्प ने साफ नहीं किया कि किन देशों पर टैरिफ लगाया जाएगा और इसके लिए वह किस कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

दूसरी ओर कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को कहा कि ग्रीनलैंड के मालिकाना हक का फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नहीं है। नाटों देश होने के नाते ग्रीनलैंड के तरफ हमारी जिम्मेदारी बरकरार है। हम इनके पीछे पूरी तरह से खड़े हैं।

ट्रम्प बोले- गोल्डन डोम प्रोजेक्ट के लिए ग्रीनलैंड जरूरी

ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को गोल्डन डोम नामक बड़े रक्षा प्रोजेक्ट के लिए भी अहम बताया है। गोल्डन डोम अमेरिका का मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट है।

यह इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है। गोल्डन डोम का मकसद चीन, रूस जैसे देशों से आने वाले खतरे से अमेरिका को बचाना है।

ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर नाटो से भी बातचीत कर रहा है। ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं कि नाटो को अमेरिका का साथ देना चाहिए। अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कंट्रोल नहीं किया, तो रूस या चीन वहां अपना असर बढ़ा सकते हैं, जो किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अमेरिकी संसद की टीम ग्रीनलैंड पहुंची

ट्रम्प के बयान के वक्त अमेरिकी संसद का एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ग्रीनलैंड के दौरे पर था। इस 11 सदस्यीय टीम का नेतृत्व डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस कून्स कर रहे हैं। इसमें रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस और लिसा मर्कोव्स्की भी शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीनलैंड के सांसदों के अलावा डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन से मुलाकात की।

टीम का मकसद स्थानीय लोगों की बात सुनना और वॉशिंगटन में तनाव कम करना है। सीनेटर कून्स ने कहा, ‘हम ग्रीनलैंड के लोगों की सुन रहे हैं और उनकी राय लेकर वापस जाएंगे, ताकि स्थिति शांत हो।’

ग्रीनलैंड की सांसद आजा चेमनित्ज ने कहा, ‘हमें दोस्तों और सहयोगियों की जरूरत है। अमेरिका 2019 से दबाव बना रहा है। यह एक लंबी दौड़ है, जो अभी खत्म नहीं हुई। जितना ज्यादा समर्थन मिले, उतना अच्छा।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मुलाकात फायदेमंद साबित होगी।