- कमरे में फांसी लगाई, तीन साल पहले शादी हुई
हरियाणा की औद्योगिक नगरी पानीपत जिले के थाना सेक्टर-29 क्षेत्र में ऑनलाइन गेमिंग के जानलेवा शौक ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। विकास नगर की गली नंबर-1 में रहने वाले एक युवक ने ऑनलाइन गेम एवीएटर में लाखों रुपए हारने और भारी कर्ज में डूबने के कारण मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली।
युवक ने अपने घर पर ही पंखे पर दुपट्टे से फंदा लगा लिया। पत्नी ने जब कमरे का दरवाजा खटखटाया तो वह खुला नहीं। इसके बाद खिड़की से भीतर झांक कर देखा तो उसे घटना का पता लगा।
शव को फंदे पर लटका देख पत्नी ने इसकी सूचना परिवार, स्थानीय लोगों व पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी आवश्यक कार्रवाई करने के बाद शव को सिविल अस्पताल भिजवाया, जहां उसका पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस मामले की कार्रवाई कर रही है।
तीन साल पहले बंधा था वैवाहिक बंधन में
मृतक की पहचान राजेश कुमार के बेटे अक्षय कुमार के रूप में हुई है। वह मूलरूप से गांव कुडलान का रहने वाला था। करीब 3 साल पहले ही उसकी शादी हुई थी और उसका एक छोटा बच्चा भी है। वह विकास नगर में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहकर मेहनत-मजदूरी कर रहा था।
उसकी पत्नी ने बताया कि अक्षय पर अमीन बनने की धुन सवार थी। इसलिए, वह मोबाइल फोन पर लगा रहता था। अक्षय अक्सर अपने फोन पर गेम खेलता रहता था, जो धीरे-धीरे उसकी लत में तब्दील हो गया।
चंद रुपए की जीत से शुरू हुआ मौत का खेल
परिजन के अनुसार, अक्षय ने एवीएटर गेम की शुरुआत बहुत छोटे दांव से की थी। शुरुआत में कुछ छोटी जीत ने उसे उत्साहित किया और उसे लगा कि वह इसके जरिए आसानी से पैसे कमा सकता है, लेकिन यह जीत केवल एक जाल थी। जैसे-जैसे वह खेल में आगे बढ़ा, जीत की उम्मीद में उसने बड़ा निवेश शुरू किया। एक के बाद एक हार ने उसे बुरी तरह तोड़ दिया। हार की भरपाई करने के चक्कर में अक्षय ने अलग-अलग जगहों से कर्ज लेना शुरू कर दिया।
कर्ज का दबाव और मानसिक प्रताड़ना
देखते ही देखते अक्षय कर्ज के ऐसे दलदल में फंस गया, जिससे निकलना उसे नामुमकिन लगने लगा। गेम में पैसे हारने और कर्जदारों के दबाव के चलते वह मानसिक तनाव में रहने लगा। घर में छोटे बच्चे और पत्नी की जिम्मेदारी के बीच आर्थिक तंगी ने उसे तोड़ दिया। इसी मानसिक क्लेश के चलते अक्षय ने विकास नगर स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।