January 14, 2026
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  • 12वीं कक्षा का विधा​र्थी; सिलेक्शन के बाद परिवार को उलझाया, बोला- टिकट कराओ, लूडो खेलना है

झज्जर के रहने वाले रक्षित जांगड़ा ने पहले ही प्रयास में नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा पास कर ली। बुधवार को ही रक्षित उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में SSB इंटरव्यू से लौटे। परिवार ने उनका स्वागत किया। इंटरव्यू में 135 कैंडिडेट्स पहुंचे थे, जिनमें से सिर्फ 20 का ही चयन हुआ।

शहर के संस्कारम स्कूल से नॉन-मेडिकल स्ट्रीम में 12वीं कर रहे रक्षित के साथ स्कूल के 20 स्टूडेंट्स ने NDA की परीक्षा पास की थी, लेकिन SSB के बाद अकेले रक्षित का ही चयन हुआ। जल्दी वह लेफ्टिनेंट के ट्रेनिंग के लिए जाएंगे।

सिलेक्शन होने के बाद रक्षित ने अपने परिवार से कुछ देर तक यह बात छिपाई। जब पिता ने फोन किए तो उन्होंने उठाए नहीं। काफी मैसेज करने के बाद रक्षित ने उन्हें कहा कि ट्रेन की टिकट बुक करवा दो, लूडो खेलना है। पहले यह बात सुनकर परिवार के लोग सोच में पड़ गए। बाद में रक्षित ने बताया कि उसने ऐसा इसलिए कहा, क्योंकि अब पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। फुर्सत में वह लूडो खेल पाएगा।

10वीं में 96 प्रतिशत नंबर आए

रक्षित का जन्म 5 सितंबर 2008 को हुआ था। इनके पिता विकास गुरुग्राम की मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। इनके पिता पत्रकारिता के क्षेत्र में फ्रीलांसर के तौर पर भी सक्रिय हैं। मां आशा रानी प्राइवेट कॉलेज में क्लर्क हैं। रक्षित ने 10वीं क्लास शहर के ब्रिगेडियर रणसिंह पब्लिक स्कूल से की थी। 96 प्रतिशत अंक के साथ वह दूसरे स्थान पर रहे थे।

डेली 8 घंटे पढ़ाई की

रक्षित का कहना है कि वह स्कूल के अलावा घर पर प्रतिदिन करीब 8 घंटे तक पढ़ाई करता था। मार्गदर्शन में पिता और फूफा का विशेष योगदान रहा। वहीं दादी मां का स्नेह और प्रेरणा हमेशा उनके साथ रही। रक्षित के पिता ने बताया कि रात को पढ़ाई करते समय उसकी दादी विशेष ध्यान रखती थीं।

दादा का सपना पोते ने साकार किया

रक्षित के दादा बलवान सिंह भारतीय सेना से रिटायर थे। उनका सपना था कि उनका बेटा सेना में अधिकारी बने, लेकिन यह सपना उनके पोते रक्षित ने लेफ्टिनेंट बन पूरा कर दिखाया। पिछले तीन वर्षों से रक्षित पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे थे। वह प्रतिदिन कम से कम एक घंटे वर्कआउट जरूर करते थे।

एयर चीफ मार्शल से मुलाकात की

रक्षित ने बताया कि दिसंबर महीने में एयरफोर्स मैराथन में भी हिस्सा लिया था। इस दौरान एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह से भी मुलाकात की थी। रक्षित ने उसे एसएसबी और अफसर बनने को लेकर चर्चा भी की थी, जिसने उन्हें और अधिक प्रेरित किया।

पिता बोले- सोशल मीडिया से दूर रहा

रक्षित के पिता विकास का कहना है कि रक्षित सोशल मीडिया से दूर रहकर पूरी तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहा। उसकी खेलों में विशेष रुचि है, खासतौर पर माइंड गेम शतरंज (चेस) खेलना उन्हें पसंद है। उन्हें म्यूजिक से भी गहरा लगाव है और वह गिटार बजाने का शौक रखता है। यह सभी गतिविधियां उनके मानसिक संतुलन और व्यक्तित्व विकास में सहायक रहीं