- दो के पैरों में लगी गोलिया, पुलिसकर्मी की भी छाती में लगी गोली
हरियाणा के रेवाड़ी में पुलिस और बदमाशों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चली। पुलिस को देखते ही बदमाशों की तरफ से पहली गोली चलाई गई। जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायर किए।
मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास हुई इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चारों बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पांव में गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। जबकि दो अन्यों ने सरेंडर कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस कर्मी को भी गोली लगी। परंतु बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने के बाल-बाल बच गए। गिरफ्तार किए गए बदमाशों में दो गोकलगढ़ रेवाड़ी, एक रोहतक और एक जींद का रहने वाला है। पुलिस को बदमाशों के पास से दो अवैध पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, एक मैगजीन बरामद की।
सूचना के बाद कार्रवाई
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम सीआईए को सूचना मिली की हत्या, हत्या प्रयास, शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध के कुख्यात बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के बाद सीआईए की टीम धारूहेड़ा की तरफ से आ रही स्विफ्ट कार का पीछा किया। पुलिस को देखकर बदमाशों ने कार को भगाते हुए जीतपुर से मीरपुर के कच्चे रास्ते पर ले गए। बदमाशों ने जीतपुर के पास कार को रोककर पीछा कर रही पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
हर्ष उर्फ पोपला पर छह केस दर्ज
पुलिस मुठभेड़ में घायल गोकलगढ़ निवासी बदमाश हर्ष उर्फ पोपला पर हत्या, हत्या प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित 6 केस दर्ज हैं। पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपए का इनाम रखा हुआ है। पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार बाकी तीन बदमाशों की हिस्ट्री खंगाल रही है। मुठभेड़ के बाद डीएसपी हेडक्वार्टर रविंद्र कुमार रात को ही ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।
आधी रात हुई मुठभेड़
सूचना के बाद सीआईए प्रभारी सुमेर सिंह ने टीम के साथ रात करीब 11 बजे बदमाशों का पीछा करना शुरू किया था। बदमाशों द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग करने के बाद पुलिस और बदमाशों और सीआईए के बीच जीतपुरा-मीरपुर रोड पर बीती आधी रात को मुठभेड़ हुई। जिसके बाद पुलिस ने गोली लगने से घायल दो सहित चार बदमाशों के खिलाफ धारूहेड़ा थाना में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
केस नंबर 315 में वांटेड
हर्ष उर्फ पोपला ने 15 अक्टूबर को शहर थाना क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया था। 17 अक्टूबर को हर्ष और उसके साथियों के खिलाफ हत्या, हत्या प्रयास और गैंगस्टर व SC/ST एक्ट में केस नंबर 315 दर्ज हुआ था। आरोपियों की मारपीट में घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसी केस में पुलिस को पोपला व उसके साथियों की तलाश थी।