January 11, 2026
10 Jan 14

पंचकूला और चंडीगढ़ की सीमा पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पुलिस नाकेबंदी के दौरान एक सड़क हादसे में 21 वर्षीय युवक, जिसकी पहचान हनी के रूप में हुई है, की जान चली गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और सेक्टर-7 थाने के बाहर जमकर हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार, एक मोटरसाइकिल पर तीन युवक सवार थे। चंडीगढ़ बॉर्डर के पास पुलिस नाका लगा हुआ था। परिजनों का आरोप है कि जब युवकों ने बाइक रोकने की कोशिश की या वहां से गुजर रहे थे, तो पुलिसकर्मियों ने अचानक उनके आगे बैरिकेड अड़ा दिया। इस वजह से बाइक असंतुलित होकर गिर गई और हनी को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस को चालान करना था तो वे कैमरे से फोटो खींचकर घर भेज सकते थे, लेकिन इस तरह जान जोखिम में डालना सरासर लापरवाही है।

मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदारों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद करीब आधे घंटे तक घायल युवक सड़क पर ही पड़ा रहा और उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। उनका कहना है कि अगर तुरंत चिकित्सा सहायता मिल जाती, तो शायद हनी की जान बच सकती थी। थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस के इस व्यवहार को अमानवीय बताया।

वहीं, दूसरी तरफ पुलिस विभाग ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का पक्ष है कि बाइक सवार युवक नाका देखकर भागने की कोशिश कर रहे थे और संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाइक पर पीछे बैठे युवक नंबर प्लेट को छिपाने का प्रयास कर रहे थे। मामले की निष्पक्षता जांचने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही जा रही है। हालांकि, परिजनों ने दावा किया है कि पुलिस उन्हें सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखा रही है और उन्हें बताया गया है कि जहां हादसा हुआ, वहां का कैमरा बंद था।

परिजनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जो भी पुलिसकर्मी लापरवाही के दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में सब कुछ ‘गोलमोल’ किया जा रहा है और वे तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल जाता। फिलहाल, क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।