
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान सदन में विपक्ष के सदस्यों को बिल पारित करने के पहले सदन से बाहर निकाल दिया जाता था और उसके बाद बिल पारित किया जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय किसी भी बोलने तक नहीं दिया जाता था।
विज आज यहां चण्डीगढ में हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान कांग्रेस के नेता भूपेन्द्र सिंह हुडडा के साथ मजाकिया तकरार/नोंकझोंक में बोल रहे थे।
सदन में श्री विज ने कहा कि ‘‘मैं 25 साल से इस सदन में सात बार का विधायक बना हूं और मैंने मैंने कई बिल पारित होते देखे हैं। मैंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा साहब का समय भी देखा है कि उस समय पर विधेसक कैसे पारित होते थे। उस समय विपक्ष को उठाकर बाहर निकाल दिया जाता था और उसके बाद फिर बिल पास किया करते थे। उस समय बोलने भी नहीं दिया जाता था’’।
इस मौके पर श्री विज कांग्रेस कार्यकाल के दौरान की एक समय की बात बताई कि ‘‘एक बार ऐसा कमाल हुआ कि सदन में कोई बिल प्रस्तुत होना था, इनको (कांग्रेस-भूपेन्द्र सिंह हुडडा) पता था कि मैं (अनिल विज) विरोध करूंगा, मुझे भी पता था कि मैं (अनिल विज) विरोध करूंगा। इसलिए मैं चुपचाप बैठ रहा, मैं खड़ा भी नहीं हुआ, मैं बोला भी नहीं, तब भी इन्होंने (कांग्रेस-भूपेन्द्र सिंह हुडडा) मुझे बाहर निकाल दिया’’।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और ऊर्जा मंत्री के बीच सदन में चल रही मजाकिया तकरार/नोकझोंक के चलते सदन का माहौल उस समय हंसमुख हो गया, जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज को कहा कि आप नहीं समझ सकते।
उसके जवाब में ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘समझ तो मुझे तब आ गया परंतु मैं गाने के माध्यम से बताना चाहता हूं किः- ‘हमने उनको भी चुप-चुप के जाते हुए देखा उन गलियों में’- उसके बाद ऊर्जा मंत्री हंस पड़े और सदन में भी सभी सदस्य हंस पड़े और हरियाणवी लहजे में कहा कि- ‘सब पता मैंने’ सब जानू मैं’-
इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने कहा मैं तो सदन में बोलूंगा बोलूंगा बोलूंगा।